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फसल अवशेष जलाने पर 15 हजार तक जुर्माना , सैटेलाइट से रखी जा रही निगरानी

tarunmitra.in · 21 अप्रैल 2026, 03:15 pm
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भारत में फसल अवशेष जलाने पर 15 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाने का निर्णय लिया गया है। यह कदम देश के विभिन्न राज्यों में वायु प्रदूषण की समस्या को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है। यह योजना विशेष रूप से उन क्षेत्रों में लागू की जाएगी जहां पर धान और अन्य धान्य फसलों के अवशेष जलाने की घटनाएं अधिक होती हैं।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, सैटेलाइट तकनीक का उपयोग करके फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर नजर रखी जाएगी। इस तकनीक के माध्यम से कृषि क्षेत्रों में जलने वाली आग को ट्रैक किया जाएगा। इसके आधार पर उन किसानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी जो नियमों की अवहेलना करते पकड़े जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य वायु गुणवत्ता में सुधार लाना और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को कम करना है।

कई विशेषज्ञों का मानना है कि फसल अवशेष जलाना वायु प्रदूषण का एक बड़ा कारण है, जो न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव डालता है। इस समस्या को हल करने के लिए किसानों को वैकल्पिक तकनीकों और संसाधनों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। कृषि विभाग ने इस संबंध में विभिन्न कार्यक्रमों की योजना बनाई है।

कुछ रिपोर्टों के अनुसार, किसानों ने इस नियम के प्रति मिश्रित प्रतिक्रिया दी है। जहां कुछ किसान नियमों का पालन करने के लिए तैयार हैं, वहीं अन्य ने यह चिंता व्यक्त की है कि जुर्माना उनके लिए आर्थिक बोझ बन सकता है। किसान संगठन इस संबंध में सरकार से संवाद स्थापित करने की योजना बना रहे हैं ताकि एक संतुलित समाधान निकाला जा सके।

आगामी महीनों में इस पहल के कार्यान्वयन की उम्मीद की जा रही है। सरकारी अधिकारियों का कहना है कि यह नई नीति न केवल वायु प्रदूषण को कम करने में मदद करेगी, बल्कि किसानों को जैविक रूप से फसल अवशेष प्रबंधन के लाभों के प्रति भी जागरूक करेगी। आगे की योजना में किसानों को नवाचार और टिकाऊ कृषि प्रथाओं को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना शामिल है।

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