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लगातार 43वीं सारस गणना पर्यावरण संरक्षण का मजबूत आधार , केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान हमारा है गौरव - गृह राज्यमंत्री

tarunmitra.in · 21 अप्रैल 2026, 04:15 pm
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गृह राज्यमंत्री ने बताया कि लगातार 43वीं सारस गणना के दौरान केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान में सारसों की संख्या में वृद्धि हुई है। यह गणना हाल ही में आयोजित की गई थी और इसमें राष्ट्रीय उद्यान में सारसों की प्रवृत्ति को समझने के लिए व्यापक अध्ययन किया गया। यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

गृह राज्यमंत्री ने बताया कि केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान भारतीय जैव विविधता का एक महत्वपूर्ण हिस्स है और यहाँ के सारसों की गणना से उनके संरक्षण के उपायों के बारे में जानकारी मिलती है। यह उद्यान देश के लिये एक महत्वपूर्ण पर्यटक केंद्र भी है, जहां पर्यावरणीय पर्यटन को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, पिछले वर्षों में सारसों की आबादी में वृद्धि हुई है, जो एक सकारात्मक संकेत है।

सरकार का मानना है कि लगातार 43वीं बार सारस गणना करना केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक प्रयास है। इस गणना में भाग लेने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से संरक्षण प्रयासों को नई दिशा मिलेगी और इसे स्थायी विकास के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

आगे की बात करें तो केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान में भविष्य में भी इसी तरह के कार्यक्रम जारी रखे जाएंगे। मंत्रालय ने विश्वास व्यक्त किया है कि इन प्रयासों से न केवल सारसों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र की स्थिति में भी सुधार होगा। सरकार ने भविष्य में और अधिक संरक्षण कार्यक्रमों की योजना बनाने का भी संकेत दिया है।

अंत में, गृह राज्यमंत्री ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी करें और इस तरह के प्राकृतिक स्रोतों के संरक्षण में योगदान दें। यह कार्यक्रम न केवल पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि सामुदायिक भागीदारी और जागरूकता को भी बढ़ावा देने में मदद करेगा।

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